औपचारिक शिक्षा तथा अनौपचारिक शिक्षा क्या है?

शिक्षा के प्रकार: यदि हम शिक्षा के प्रकारों की बात करें तो प्रमुखतः हमारे मन में औपचारिक शिक्षा तथा अनौपचारिक शिक्षा ही आता है. यह टॉपिक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ सेमेस्टर एग्जाम के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है.

इस आर्टिकल में हम दो चीजों के बारे में बात करेंगे- पहला, औपचारिक शिक्षा क्या है? और दूसरा, अनौपचारिक शिक्षा क्या है? 

हालांकि शिक्षा का एक और प्रकार होता है दूरस्थ शिक्षा।


औपचारिक शिक्षा तथा अनौपचारिक शिक्षा क्या है?

औपचारिक शिक्षा क्या है? 

जैसा कि हमें इस के नाम से ही पता चल रहा है कि यह एक ऐसी शिक्षा है, जिसमें नियम कायदों का काफी महत्व होता है। जैसे कि रोज स्कूल या कॉलेज जाना रेगुलर क्लासेस और होमवर्क करना आदि।

इसे सभी धिक या नियमित शिक्षा भी कहते हैं। यह कुछ निश्चित समय के बीच ही क्रियाशील रहती है। इसी के साथ-साथ इसकी एक निश्चित योजना भी होती है। जैसे कि किस दिन क्या पढ़ाया जाना है इत्यादि।

स्कूल में छात्रों को औपचारिक शिक्षा एक निश्चित समय पर कुछ निश्चित विधियों के द्वारा ही दी जाती है। 

 विशेष शिक्षा के लिए विशेष संस्थाएं होती हैं। जैसे कि प्राथमिक शिक्षा के लिए प्राथमिक स्कूल तथा माध्यमिक शिक्षा के लिए माध्यमिक स्कूल होते हैं।  अगर उच्च शिक्षा की बात करें तो उसके लिए विश्वविद्यालय होते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार की कक्षाएं होती हैं। तथा हर कथा का पाठ्यक्रम निश्चित होता है।

 विद्यार्थी शिक्षा के लिए स्कूल में आते हैं और शिक्षक विभिन्न विधियों द्वारा शिक्षण कार्य कराते हैं। 

 सत्र के अंत में प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी कक्षा की परीक्षा देनी होती है । विद्यार्थियों को अपने ज्ञान के अनुसार सफलता अथवा सफलता प्राप्त होती है। 

अनौपचारिक शिक्षा क्या है? 

जैसा कि नाम से ही समझ आता है की अनौपचारिक शिक्षा व्यावहारिक शिक्षा होती है। यह किसी नियम अथवा किसी विशेष विधि के बिना ही प्राप्त होती है। अनौपचारिक शिक्षा के लिए व्यक्ति को किसी विशेष संस्था या स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं होती।

 एक बालक अपने जन्म से ही इस शिक्षा को अपने जीवन की भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में प्राप्त करता चलता है। व्यावहारिक शिक्षा होने का अर्थ यह है कि यह शिक्षा व्यक्ति या बालक को उसके  स्वयं के अनुभवों से प्राप्त होती है ना कि किताबों में लिखे हुए किसी और के अनुभवों से। 

 जैसे बालक के जन्म के बाद माता के गोद का अनुभव, दूसरे लोगों से बात करने का अनुभव, और कुछ बड़ा होने पर विभिन्न खेलों से प्राप्त अनुभव, इसके अतिरिक्त विभिन्न परिस्थितियों में लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना है यह भी बालक को स्वयं के अनुभवों से पता चलता है।

प्रत्येक शिशु एक विशेष क्षमता के साथ जन्म लेता है। जो उसके आसपास के परिवेश में होने वाली घटनाओं से के प्रति अपनी प्रतिक्रिया देती रहती हैं। 

अनौपचारिक शिक्षा के नियम कायदे ज्यादा सख्त नहीं होते हैं। इसमें शिक्षा के पाठ्यक्रम संगठन तथा विशेष व्यवस्था का अभाव रहता है। बालक क्या सीखने वाला है यह आने वाली परिस्थितियों पर ही निर्भर रहता है ना की किसी शिक्षक पर।

परिभाषा:  अनौपचारिक शिक्षा विभिन्न औपचारिकताओं से मुक्त एक ऐसी शिक्षा है, जो औपचारिक शिक्षा की कमियों को पूरा करती है। इस शिक्षा में वह औपचारिक तत्व नहीं होते हैं जो बालक की क्षमता को एक सीमा में बांधने का काम करते हैं। यह एक सुनियोजित लचीली व्यवस्था है जो समाज की आवश्यकता अनुसार शहर और गांव क्षेत्र के बालकों को शिक्षित करती है। यह शिक्षा व्यवस्था एक निरक्षर को भी पूर्ण रूप से निरक्षर नहीं रहने देती बल्कि उसे कुछ रूप में शिक्षित जरूर करती है।

अनौपचारिक शिक्षा के उद्देश्य 

  • छात्र को स्वतंत्रता से सीखने का अवसर देती है।

  • स्वावलंबन की विशेष भावना को विकसित करती है।

  • यह शिक्षा समूह में कार्य करने की आदत को बढ़ावा देती है।

  •  आगामी भविष्य में बालक की उन्नति और समृद्धि हेतु उसको तैयार करती है।

  •  शिक्षा को सस्ता और सार्वजनिक बनाती है।

  •  अनौपचारिक शिक्षा सभी को साक्षर बनाती है।

दूरस्थ शिक्षा 

दूरस्थ शिक्षा एक बहुआयामी शिक्षा व्यवस्था है जिसे कई सारे और नामों से भी जाना जाता है जैसे ओपन लर्निंग करेस्पॉन्ड एंड एजुकेशन। दूरस्थ शिक्षा में छात्र वास्तविक कक्षा से दूर विभिन्न आधुनिक संचार माध्यमों से शिक्षा ग्रहण करता है। विद्यार्थी की यह शिक्षा व्यवसायिक स्वतंत्र और रोजगार परक होती है।

 शिक्षा की यह प्रणाली आज पूरे विश्व में एकदम आम हो गई है। कोविड-19 महामारी के चलते पूरी दुनिया के स्कूल कॉलेज बंद पड़े हैं। बच्चों से लेकर विश्वविद्यालय में पढ़ रहे बड़े छात्रों तक सभी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं इसके लिए वह इंटरनेट, कंप्यूटर तथा मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Join Our Social Media

यदि आप GS पढ़ना चाहतें है तो अभी Social Media पर फॉलो करें

1 thought on “औपचारिक शिक्षा तथा अनौपचारिक शिक्षा क्या है?”

Leave a Comment